Saturday, 3 January 2015

'नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता'

नेपाल की हिंदू समर्थक पार्टी राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी-नेपाल (आरपीपी-एन) ने कहा है कि उनके देश को फिर से हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। इस पार्टी ने देश की दूसरी पार्टियों पर पश्चिमी देशों के प्रभाव में धर्मनिरपेक्षता की वकालत करने का भी आरोप लगाया है।

आरपीपी-एन के अध्यक्ष कमल थापा ने शुक्रवार को राजधानी काठमांडू में हुई एक रैली में यह दावा किया। इस रैली में करीब 10,000 लोग मौजूद थे। रैली को संबोधित करते हुए थापा ने दावा किया, 'देश को फिर से हिंदू राष्ट्र बनने से कोई भी नहीं रोक सकता है।'

थापा का कहना था कि नेपाल को धर्मनिरपेक्ष बनाने की वकालत करने वाले नेता पश्चिमी देशों से पैसे लेकर देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। नेपाल को 2008 में हिंदू राष्ट्र से एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था।

थापा ने कहा कि नेपाल के संविधान को देश को हिंदू राष्ट्र की पहचान को सुनिश्चित करना होगा। उनका कहना था कि जब जब दुनिया में 40 से ज्यादा मुस्लिम और 70 से ज्यादा ईसाई देश हो सकते हैं तो लाखों लोगों का घर होने के बावजूद नेपाल एक हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं हो सकता है। उन्होंने संविधान में गौ-हत्या रोकने के प्रावधान करने की भी मांग की है।

इस रैली का आयोजन नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए निकाली गई 10 दिवसीय राष्ट्रव्यापी रथयात्रा के समापन के बाद किया गया था। 25 दिसंबर से शुरू हुई इस रथयात्रा ने 1,900 किमी लंबा सफर तय किया।

बोको हराम ने किया 40 लोगों का अपहरण

उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में संदिग्ध चरमपंथी इस्लामी संगठन बोको हराम ने 40 लड़कों और युवाओं का अपहरण कर लिया है.
शुक्रवार को बोर्नो प्रांत के मलारी गांव से भागकर प्रांत की राजधानी मैदुगुरी पहुंचे लोगों ने बताया कि चरमपंथियों ने नए साल की पूर्व संध्या पर लोगों का अपहरण किया.
पिछले साल भी बोको हराम चरमपंथियों ने बोर्नो से 200 स्कूली छात्राओं का अपहरण कर लिया था.

बोको हराम का उपदेश

उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में 40 का अपहरण
उन्होंने बताया कि हथियारों से लैस चरमपंथी ट्रकों के ज़रिए गांव में आए और उन्होंने सब पुरुषों को उपदेश सुनने का आदेश दिया.
नौजवानों को इकट्ठा करके पास ही के जंगल में ले जाया गया.
मलारी गांव के निवासी मुहम्मद ने कहा, ''मेरे दो बेटे और तीन भतीजों को बोको हराम के चरमपंथियों ने अग़वा कर लिया. मुझे ऐसा लगता है कि वो इन लोगों को अपनी सेना में भर्ती करेंगे.''
एक और स्थानीय निवासी अलारामा जो मलारी गांव से भागकर पास ही के एक गांव मुलग्वी में आ गए हैं, वह कहते हैं कि ''जब हमें अपहरण की ख़बर मिली तो हमने वहां से भागने का फ़ैसला किया, क्योंकि अगला नम्बर हमारा हो सकता है''
बोको हराम 2009 के बाद से उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में विद्रोह कर रहा है और वहां एक इस्लामी राज्य बनाने की मांग कर रहा है.

'सत्ता के अनुरूप चलती है पुलिस' : के एस ढिल्लों पूर्व प्रमुख, पंजाब पुलिस

पुलिस की स्थिति यह है कि उसका सांप्रदायिकरण सबसे पहले होता है, यह मैं अपने तजुर्बे से बता सकता हूं.
मैंने मध्य प्रदेश से नौकरी शुरू की थी. वहां बहुत सी पुलिस लाइनों में मंदिर बने हुए हैं- जो नहीं होने चाहिए.
लेकिन जब इसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर सरकारी अनुमति मिल जाती है तो पुलिसवाले और ज़्यादा सांप्रदायिक हो जाते हैं.
मध्य प्रदेश में बहुत से ऐसे थाने हैं, जहां मुसलमान जाकर शिकायत ही नहीं कर सकता, क्योंकि वहां कहा जाता है कि पाकिस्तान जाकर शिकायत करो.
इसके अलावा पुलिस का ढांचा ऐसा है कि इसमें हिंदू बहुतायत में हैं- हर जगह. मुसलमान कम हैं और जो हैं वह भी अपनी बात बलपूर्वक नहीं कहते.
मुसलमानों के साथ चरमपंथ ऐसे जुड़ गया है कि जब भी कहीं चरमपंथी घटना होती है- चाहे वह मक्का मस्जिद धमाका हो या मालेगांव विस्फोट, सबसे पहले मुसलमान युवकों को पकड़ा जाता है. यह एक प्रोटोटाइप सा बन गया है.
(बीबीसी संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली से बातचीत पर आधारित)

हिंदुस्‍थान भगवान राम की धरती : अजीज कुरैशी



उत्तराखंड से मिजोरम के लिए स्थानांतरित राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने हिंदुस्तान को भगवान राम की धरती बताया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम के पैगंबर ने भी हिंदुस्तान को भगवान राम की धरती बताया है। डॉ. कुरैशी ने कहा कि भगवान राम का वजूद मनवाने के लिए किसी के आदेश की जरूरत नहीं है। विश्व में वे बदनसीब व्यक्ति हैं जो भगवान राम के वजूद को नहीं मानते हैं। भगवान राम के आदर्शो के अनुरूप अगर समाज बने, तभी विश्व कल्याण संभव है। राज्यपाल ने यह बात हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम और उसके बाद राजभवन में पत्रकारों से बातचीत में कही।
हरिद्वार में श्री दक्षिण कालीपीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी के जन्मोत्सव कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. कुरैशी का दर्द छलक पड़ा। अजीज कुरैशी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए उनकी कई योजनाएं थीं, लेकिन उन योजनाओं को धरातल पर उतारने के ख्वाब पूरे नहीं हो सके।
इस पर अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि वे मिजोरम में जाकर गाय, गंगा व हिमालय के लिए काम करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यपाल डॉ. कुरैशी ने कहा कि चारधाम के विकास तथा इन चारों धामों को वेद धाम बनाने का उनका प्रमुख ख्वाब था।
देव भूमि उत्तराखंड के इन धामों से ही गंगा, यमुना निकल रही है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री में घंटियों की आवाज तथा शंख की गूंज गंगा-यमुना की जलधारा में गीत-संगीत घोल रही है। जल धारा की इसी आवाज से विश्व में मानवता, प्रेम, भाईचारे का संदेश पहुंच रहा है। यही संदेश चार वेद देते हैं। अगर वैदिक मान्यताओं पर चला जाए तो दुनिया में कहीं पर भी दंगे-फसाद न हों।

तबादला बदले की कार्रवाई नहीं

मिजोरम स्थानांतरित किए गए राज्यपाल डा अजीज कुरैशी को उबराखंड में कार्यकाल पूरा नहीं होने का मलाल है। अपने तबादले को बदले की कार्रवाई मानने से इन्कार करने के बावजूद दर्द उनकी जुबां पर आ ही गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ क्या हुआ, यह जनता की अदालत तय करेगी।
कांग्रेस पृष्ठभूमि के राज्यपाल डॉ कुरैशी ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को पास तो किया, लेकिन अच्छे अंक नहीं दिए। उन्होंने कहा कि उनके रहते राजभवन के दरवाजे खासोआम सभी के लिए खुले रहे। किसी पर कोई टोल टैक्स नहीं लगा। केंद्र सरकार के बीती 30 दिसंबर को मिजोरम स्थानांतरित करने के फरमान के बाद राज्यपाल डा अजीज कुरैशी नए वर्ष के पहले दिन पत्रकारों के समक्ष अपनी चुप्पी तोड़ी।
नए वर्ष के मौके पर बधाइयों के आदान-प्रदान के लिए गुरुवार शाम राजभवन को आम लोगों के लिए खुला रखा गया था। पत्रकारों के सवालों के जवाब में डा कुरैशी ने अपने तबादले को केंद्र सरकार की ओर से बदले की कार्रवाई मानने से इन्कार किया।

Friday, 2 January 2015

पोरबंदर तट पर विस्फोटकों से भरी पाकिस्तानी नाव को घेरने पर उसे उड़ाया



भारत में 26/11 जैसे आतंकी हमले की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है। 1 जनवरी को तड़के एक सूचना के आधार पर भारतीय कोस्ट गार्ड ने अरब सागर में भारत-पाक समुद्री सीमा के पास एक पाकिस्तानी नाव को रोका। इसमें भारी मात्रा में विस्फोटक थे। कोस्ट गार्ड ने घेराबंदी की तो उसमें सवार चार लोगों ने विस्फोट कर नाव को उड़ा दिया, जिससे वह समुंदर में डूब गई। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर रहा कि घटना पोरबंदर से करीब 365 किलोमीटर की दूरी पर हुई। पूर्व में खुफिया एजेंसियों ने तटरक्षक बलों को अलर्ट किया था कि कराची के केटी बंदरगाह से एक बोट भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास करेगी। इसके बाद कोस्ट गार्ड ने पाकिस्तान नाव में सवार कुछ लोगों की संदिग्ध बातचीत पकड़ी। भारतीय तटरक्षक बल के एक डोर्नियर विमान ने समुद्र-हवाई समंवित तलाशी अभियान शुरू किया। 31 दिसंबर की देर रात समुंदर में भारत-पाक सीमा के पास एक पाकिस्तानी नाव देखी गई। कोस्ट गार्ड ने उन्हें रुकने को कहा तो उन्होंने नाव की गति बढ़ाकर भागने की कोशिश की। फायरिंग करके करीब एक घंटे बाद उन्हें घेरा गया। ऐसे में हथियारबंद नाव सवार चार लोगों ने विस्फोट कर नाव को उड़ा दिया। अभी तक नाव सवार किसी भी व्यक्ति के अवशेष नहीं मिले हैं। इसे लेकर नेवी और कोस्ट गार्ड अलर्ट हो गई हैं। सीमा पर आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं इसीलिए उन्हें कवर देने के लिए पाक सेना लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। -राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री --अहम जगह दबोचा-- जिस जगह इस नाव को दबोचा गया, असल में उस जगह पर कई बार मछुवारों को पकड़ने की खबरें आती हैं। अगर पाकिस्तानी नाव भारतीय सीमा में थोड़ा और अंदर आ जाती तो विशेष रूप से इन लोगों को ढुंढ पाना मुश्किल होता। --सीमा पर पाक सेना-- जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना ने सीमा पर अपने जवानों की संख्या बढ़ना शुरू कर दिया है। पाक भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के चलते ऐसा कर रहा है। ---26/11 के दौरान स्थिति--- --कराची से हमले के लिए निकले थे 10 प्रशिक्षित लश्कर आतंकी --कराची बंदरगाह से नाव में विस्फोटक, हथियार लेकर चले थे -समुंद्र में भारतीय नाव पर कब्जा किया उसी से मुंबई पहुंचकर हमला किया था -भारतीय खुफिया एजेंसियों को समुंदर में पाक नौका की सूचना मिली, लेकिन नाव पाक समुद्री क्षेत्र में होने की बात कहकर उन्होंने सूचना को हल्के में लिया ..और अब -कराची से ही आतंकी साजिश को अंजाम देने निकले -कराची के केटी बंदरगाह से नाव में विस्फोटक लादे गए -भारतीय सीमा में घुसने के लिए यहां की नाव कब्जाने का था इरादा -सूचनाओं के अनुसार, भारतीय नाव से ही मुंबई पहुंचने की साजिश -कोस्ट गार्ड ने नाव में सवार लोगों की बातचीत को पकड़ा था। अलर्ट हुए तटरक्षक बलों ने नाव को समुंदर में ही रोक लिया गया

पीएम मोदी थे आतंकियों के निशाने पर ?



भारत-पाक समुद्री सीमा पर पोरबंदर के नजदीक जिस पाकिस्तानी नौका ने खुद को धमाके से उड़ा लिया, ऐसा लगता है कि उसमें सवार आतंकियों के निशाने पर कोई और नहीं बल्कि पीएम मोदी थे। इंडियन कोस्टगार्ड की सूझबूझ और निगरानी के दम पर आतंकियों की इस मंशा को नाकाम कर दिया गया।
इस आशंका को बल इसलिए भी मिलता है क्योंकि पाकिस्तानी नौका को कोस्टगार्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने पोरबंदर से सटे समुद्री सीमा पर खदेड़ा और पीएम नरेंद्र मोदी को भी वाइब्रेंट गुजरात समिट में शामिल होने के लिए पोरबंदर ही जाना था। इससे भी बड़ा तथ्य मीडिया में आ रही खबरों से मिलता है। वह यह कि घटना के बाद पीएम मोदी ने पोरबंदर की 12 जनवरी की अपनी यात्रा टाल दी है।
वहीं, रक्षा मंत्रालय का दावा भी आतंकियों के निशाने पर मोदी के होने की आशंका को बल देता है। मंत्रालय के मुताबिक पाकिस्तानी नौका में भारी मात्रा में गोला-बारूद थे।अब अगर आतंकियों और विस्फोटकों से भरी नौका का रुख उस ओर हो जहां मोदी का दौरा प्रस्तावित है तो इस आशंका को भला कैसे खारिज किया जा सकता है कि हो ना हो आतंकवादियों के निशाने पर पीएम नरेंद्र मोदी ही थे।

મોદીની નારાજગી બાદ ‘ઘર વાપસી'ના સુત્રધાર રાજેશ્વરને સંઘે ઘરભેગા કરી દીધા


મોદીની નારાજગી બાદ ‘ઘર વાપસી'ના સુત્રધાર રાજેશ્વરને સંઘે ઘરભેગા કરી દીધા


મોદી સરકારની ઉંઘહરામ કરનાર અને સંસદનું શિયાળુ સત્ર ખોરવી નાંખનાર ઘર વાપસીના કાર્યક્રમથી હવે સંઘ પણ નારાજઃ મહત્‍વની જવાબદારીઓ પાછી ખેંચી લીધી રાજેશ્વરસિંહ હવે સંઘને લગતુ કોઇ કામ નહિ કરેઃ ધર્મ જાગરણ અભિયાનથી દુર કરી દેવાયાઃ યુપીમાં ઘર વાપસીના તમામ કાર્યક્રમો રોકી દેવાયા મોદી અને ભાજપની નારાજગીનો પડઘો પડયો

આગ્રામાં ઘર વાપસી કાર્યક્રમ થકી દેશભરમાં ધર્માંતરણના મુદ્દાને હવા આપનાર સંઘના પ્રચારક રાજેશ્વરસિંહ અચાનક અને ચુપચાપ રજા પર ચાલ્‍યા ગયા છે અથવા તો મોકલી દેવામાં આવ્‍યા છે. એવી ચર્ચા છે કે, પીએમ મોદીની નારાજગીને કારણે તેમને ‘સજા' મળી છે. સંઘે પશ્ચિમ ઉત્તરપ્રદેશ અને ઉત્તરાખંડમાં તેમને સોંપેલી કો-ઓર્ડીનેટરની જવાબદારી પણ પાછી ખેંચી લીધી છે.
    રાજેશ્વરસિંહ સંઘના સાથી સંગઠન ધર્મ જાગરણ સમન્‍વય સમિતિના સંયોજક પણ છે. ગયા મહિને આગ્રામાં થયેલા ધર્માંતરણના કાર્યક્રમ બાદ તેઓ ચિત્રમાં આવ્‍યા હતા. આ ઘટના બાદ કેન્‍દ્ર સરકાર અને સંઘ ઉપર ભારે માછલા ધોવાયા હતા. આ મામલાને કારણે જ સંસદ પણ ઠપ્‍પ થઇ ગઇ હતી. એવુ માનવામાં આવે છે કે, સંઘે રાજેશ્વરસિંહને ચુપ રહેવાનો આદેશ આપી દીધો છે. એવુ પણ જાણવા મળે છે કે, સંઘના પ્રમુખ મોહન ભાગવત પણ તેમનાથી ભારે નારાજ છે અને તેમની નારાજગી રાજેશ્વરના નિવેદનોથી બહાર આવી છે. અત્રે એ પણ નોંધનીય છે કે, ઘર વાપસીના તેમના કાર્યક્રમથી મોદી પણ ભારે નારાજ થયા હતા.
   રાજેશ્વરસિંહ અચાનક રજા ઉપર ચાલ્‍યા જતા આ અંગે સંઘના વરિષ્‍ઠ પ્રચારકે જણાવ્‍યુ છે કે, તેઓ સંઘમાંથી છુટા નથી થઇ ગયા કે તેમને જવાબદારીમાંથી હટાવાયા નથી પરંતુ તેઓ માત્ર રજા ઉપર ગયા છે. તેઓ ૧૯૭૧થી સંઘના પ્રચારક છે અને ૧૯૯૬થી ધર્મ જાગરણ શાખાના વ્રજ વિસ્‍તારને સંભાળે છે. તેમની પાસે પશ્ચિમ ઉત્તરપ્રદેશ અને ઉત્તરાખંડનો પણ પ્રભાર છે.
   આ અંગે રાજેશ્વરસિંહનું કહેવુ છે કે, મેં કેટલાક મહિનાઓની રજા લીધી છે કારણ કે હું ઇલાજ કરાવવા માંગુ છું. હું ડાયાબીટીસ અને અન્‍ય કેટલીક બિમારીથી પીડાઉ છું. તેમણે કહ્યુ હતુ કે, મારી હવે પછીની ભુમિકાનો નિર્ણય સંઘના શિક્ષાવર્ગમાં લેવાશે. આ કાર્યક્રમ જુનમાં યોજાશે. દર વર્ષે યોજાતા આ કાર્યક્રમમાં સંઘના પદાધિકારીઓની જવાબદારી અને ટ્રાન્‍સફર કરવામાં આવતી હોય છે. આગ્રામાં ઘર વાપસીના કાર્યક્રમ બાદ રાજેશ્વર રપ ડિસેમ્‍બરે અલીગઢમાં આ પ્રકારનો કાર્યક્રમ યોજવા માંગતા હતા પરંતુ હંગામાના કારણે તેમણે આ કાર્યક્રમ રદ્દ કરવો પડયો હતો.
   પપ વર્ષના રાજેશ્વરસિંહને પશ્ચિમ ઉત્તરપ્રદેશ અને ઉત્તરાખંડના કો-ઓર્ડીનેટર કાર્યક્રમોમાંથી દુર કરી દેવામાં આવ્‍યા છે. સુત્રોના જણાવ્‍યા પ્રમાણે સંઘના નેતાઓ અને મોદીની બેઠક યોજાય હતી તેમાં મોદીએ ઘર વાપસીના કાર્યક્રમ અંગે પોતાની નારાજગી વ્‍યકત કરી હતી. તેમણે કહ્યુ હતુ કે, આવા કાર્યક્રમોથી સરકારના વિકાસના કાર્યક્રમો અને એજન્‍ડાને માઠી અસર પડી શકે તેમ છે. રાજેશ્વરસિંહે પણ કહ્યુ છે કે, હવે હાલ હું સંઘને લગતુ કોઇ કામ નહી કરૂ. તેઓ કહે છે કે, મારા ઉપર ઘણુ દબાણ આવ્‍યુ હતુ અને તેને કારણે મારી તબીયતને અસર થઇ છે અને હવે હું આરામ કરવા માંગુ છું. મેં કઇ ખોટુ કર્યુ નથી, સંઘના ટોચના નેતાઓએ મને અગાઉ આ બાબતે આશીર્વાદ પણ આપ્‍યા હતા. મને આશા છે કે, મને સમય આવ્‍યે મહત્‍વની જવાબદારી સોંપાશે. તેઓ કહે છે કે, સંઘને અત્‍યારે ભલે મારી જરૂર ન હોય પરંતુ ભવિષ્‍યમાં મારી જરૂર પડશે.
   સંઘના ટોચના નેતાઓએ જણાવ્‍યુ છે કે, તેમને સંઘ અને ભાજપની ટોચની નેતાગીરી વચ્‍ચે થયેલી ચર્ચા બાદ હટાવાયા છે. આ વાતચીતમાં પીએમ પણ સામેલ હતા. ભાજપના નેતાઓએ સંઘની નેતાગીરીને ફરિયાદ કરી હતી કે, ધર્માંતરણના વિવાદે સરકારના વિકાસના એજન્‍ડાની ચમક છીનવી લીધી છે. યુપીમાં સંઘના એક પદાધિકારીએ કહ્યુ હતુ કે, અમારા તમામ ઘર વાપસીના કાર્યક્રમો અટકાવી દેવાયા છે. સંઘના પ્રવકતા મનમોહન વૈદ્યએ રાજેશ્વરને હટાવ્‍યાની પુષ્‍ટી કરી હતી. તેમણે કહ્યુ હતુ કે, કોઇના પ્રેશર વગર આ નિર્ણય લેવામાં આવ્‍યો છે. તેમને સંઘ સાથે જોડાયેલા ધર્મ જાગરણ અભિયાનથી પણ હટાવી દેવાયા છે. ઘર વાપસીના કાર્યક્રમ બાદ રાજેશ્વરસિંહે કહ્યુ હતુ કે, મુસ્‍લિમો અને ખ્રિસ્‍તીઓને ભારતમાં રહેવાનો હક્ક નથી. તેમણે આવતા ૭ વર્ષમાં ભારતને હિન્‍દુ રાષ્‍ટ્ર બનાવવાનો દાવો પણ કર્યો હતો.

भारत ने किया पीछा, पाक नौका ने खुद को धमाके से उड़ाया


धमाका होने से पहले भारतीय कोस्टगार्ड ने इस नौका का करीब एक घंटे तक पीछा किया था।

पाकिस्तान से साथ लगती सीमा पर पोरबंदर के नजदीक एक पाकिस्तानी नौका ने खुद को धमाके से उड़ा लिया। धमाका होने से पहले भारतीय कोस्टगार्ड ने इस नौका का करीब एक घंटे तक पीछा किया था। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक यह नौका पाकिस्तान के कराची से आई थी।

गुजरात तट से करीब 350 नॉटिकल मील पर इस नौका का पता भारतीय खुफिया एजेंसियों ने लगाया। जब इस नौका की गतिविधि संदिग्ध लगी तो भारतीय कोस्टगार्ड ने इसका पीछा किया और इसे चेतावनी दी। करीब एक घंटे तक पीछा किए जाने के बाद नौका ने खुद को धमाके से उड़ा लिया।


भारतीय जासूसी एजेंसियों का कहना है कि इस नौका पर लश्कर ए तैयबा के आतंकियों के होने का संदेह है और वे पहली जनवरी को दोपहर के करीब भारतीय सीमा में प्रवेश करने की मंशा से आए थे। इसी सूचना के आधार पर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि 2008 के मुंबई जैसा एक बड़ा आतंकी हमला करने की साजिश थी, जिसे भारतीय कोस्टगार्ड ने नाकाम कर दिया।

माना जाता है कि इस नौका पर 4-5 लोग थे। यह नौका कराची के केती बंदरगाह से चली थी और तभी से भारतीय एजेंसियों की इस पर नजर थी। इस नौका में भारी मात्रा में गोला-बारूद होने का भी संदेह है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि यह एक पाकिस्तानी फिशिंग बोट थी, जिसे पोरबंदर से 365 किलोमीटर दूर देखा गया। सूत्र ने बताया नौका धमाके के फौरन बाद डूब गई और इसे तलाशने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

Thursday, 1 January 2015

मॉक ड्रिल में नकली आतंकी को मुस्लिम टोपी पहनाने पर मचा बवाल, CM आनंदी बेन ने गलत ठहराया

मॉक ड्रिल में नकली आतंकी को मुस्लिम टोपी पहनाने पर मचा बवाल, CM आनंदी बेन ने गलत ठहराया
नई दिल्ली: गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने एंटी-टेरर मॉक ड्रिल के दौरान नकली आतंकियों को मुस्ल‍िम टोपी पहनाने को गलत ठहराया है। उन्होंने ज़ी मीडिया से बातचीत में कहा कि गुजरात पुलिस से गलती हुई मगर उन्होंने यह गलती जानबूझकर नहीं की।
सूरत पुलिस की असंवदेनशील हरकत को लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया था। इस कारण से आनंदी बेन पटेल को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने माफी मांगनी पड़ी।
सूरत पुलिस ने ओलपाड के नजदीक डाभरी में यह मॉक ड्रिल कराई थी जिसमें स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को आतंकियों को रोकने का अभ्यास कराया गया था। इस दौरान जिन लोगों को नकली आतंकी बनाया गया था, उन्हें मुस्ल‍िम टोपी पहनाई गई थी।
गुजरात बीजेपी अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष महबूब अली चिश्ती ने इस पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा कि मॉक ड्रिल में जो टोपी पहनाई गई, उसे तो नमाज के दौरान पहना जाता है। आतंकवादी भी हमले के वक्त वैसी टोपी नहीं पहनते हैं।

पाक जेल में कैसे दी जाती थी यातनाएं, पढ़ें एक भारतीय की आपबीती

अवैध तरीके से सीमा पार करने के आरोप में पाकिस्तान की जेल में सालों तक बंद रहे मध्य प्रदेश के बुधराम मार्को को वहां इतना प्रताड़ित किया गया कि वह विक्षिप्त हो गया। डिंडोरी जिले के विकासखंड करंजिया का रहने वाला 40 वर्षीय बुधराम 2 साल 4 महीने पाकिस्तान की जेल में रहने के बाद पिछले दिनों ही भारत लौटा है। बुधराम ने पाकिस्तान की जेल में दी गई यातनाओं के बारे में विस्तार से बताया है। बुधराम के मुताबिक, न केवल जेल के अधिकारी बल्कि साथी कैदी भी जब चाहे, उससे मारपीट करते रहते थे। जेल प्रशासन भी पाकिस्तानी कैदियों का पक्ष लेता था। यहां तक कि बुधराम की सजा की अवधि खत्म होने के बाद भी उसे आजाद नहीं किया गया था।

पाकिस्तान की जेल से छूटा बुधराम अपने परिजनों के साथ।

यातनाएं याद कर सिहर उठता है बुधराम

बुधराम के दिल से अभी भी पाकिस्तानी जेल का खौफ गया नहीं है। डरा-सहमा बुधराम फिलहाल खुलकर नहीं बोल पा रहा है। वह टूटे-फूटे शब्दों में बताता है, ''पाकिस्तान की जेल में भारतीय कैदियों के साथ बेहद बुरा बर्ताव किया जाता है। कभी भी नींद से उठाकर उनकी पिटाई की जाती है। कभी जेल प्रशासन की शह पर पाकिस्तानी कैदियों से भी उन्हें पिटवाया जाता है। भारतीय कैदियों को नमाज पढ़ने के लिए भी मजबूर किया जाता है।'' बुधराम के मुताबिक, जेल में उससे पत्थर तुड़वाए जाते थे। खाने में चावल और सब्जी मिलती थी।
 
लापता होने के तीन साल बाद मिला 

बुधराम नवंबर 2011 में लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी तलाश भी की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। 2013 में जब आईबी की टीम घर पहुंची, तब पता चला कि बुधराम एक साल से पाकिस्तान की जेल में सजा काट रहा है। पुलिस का अनुमान है कि वह किसी के साथ पंजाब चला गया था। वहां से बुधराम अवैध रूप से बॉर्डर पार कर पाकिस्तान जा पहुंचा। वहां 5 जुलाई, 2012 को पाकिस्तानी फौज ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर अवैध रूप से पाक सीमा में घुसने का मामला दर्ज किया था। 10 जुलाई, 2012 को पाक अदालत ने उसे एक साल की कैद व एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस हिसाब से उसकी सजा 10 जुलाई, 2013 को पूरी होनी थी। लेकिन उसे वापस नहीं लाया जा सका। बाद में सरकारी कोशिशों के बाद पिछले दिनों उसे पाकिस्तान ने अमृतसर में सेना के हवाले कर दिया, जहां से उसे वापस डिंडोरी लाया गया।
 
शक के घेरे में बुधराम 
बुधराम अपने घर पहुंच गया है, लेकिन वह सीमा पार करके पाकिस्तान कैसे पहुंचा, पुलिस इसका पता अभी तक नहीं लगा पाई है। इससे पहले भोपाल के तीन गांवों के कुछ लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काले बिच्छुओं की तस्करी करते पकड़े गए थे। बुधराम के पास से पुलिस को पाकिस्तान का वीजा और बांग्लादेशी करंसी भी मिली है। यह वीजा किसने और किस उद्देश्य से बनवाया, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। इसके अलावा, इस बात की भी जांच की जा रही है कि वह किसके पास पंजाब गया था और उसे बांग्लादेशी करंसी कैसे मिली। डिंडोरी के एसपी युसुफ कुरैशी कहते हैं, "परिजनों के मुताबिक, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन मेरे हिसाब से इतनी भी खराब नहीं। उसे बहुत ज्यादा कुछ याद नहीं रहता। चूंकि उसके पास से पाकिस्तानी वीजा भी मिला है, इसलिए हम इस मामले की जांच करा रहे हैं। उस पर न केवल नजर रखी जा रही है, बल्कि उसके पास मिले सामानों की पड़ताल भी की जा रही है।"